Posts

Showing posts with the label duty

राष्ट्रीय आपदा में कर्तव्य बोध और संवैधानिक नैतिकता

Image
 देश में राष्ट्रीय आपदा घोषित की जा चुकी है।  आपदा वह क्षण है जहां हर राष्ट्र ,समाज  ,समुदाय , जाति , वर्ग और व्यक्ति के चरित्र के बारे में मालूम होता है।  सामान्य समय में दी जाने वाली शिक्षा , दीक्षा , व्यवहार , आचरण , प्रवचन आदि की वास्तविकता आपदा में ही मालूम होती है।  गणतंत्र भारत के 70 वर्ष हो चुके ,संविधान को लागू हुए 70 वर्ष हो चुके। संविधान सभा में 4 नवंबर 1948 को जब डॉक्टर अंबेडकर द्वारा पहली बार संविधान का प्रारूप संविधान सभा के सामने रखा गया था।  तब उन्होंने एक बात पर बहुत ज्यादा जोर देकर कहा था।  डॉ अंबेडकर ने कहा था कि भारत में संवैधानिक नैतिकता नई बात है।  भारतीय संस्कृति, सभ्यता और समाज हजारों वर्ष पुराना है। परंतु संवैधानिक नैतिकता इस समाज के लिए भारत राष्ट्र के लिए भारत गणराज्य के लिए एकदम नई बात होगी।  इसका अर्थ सरल शब्दों में यही है कि  सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों / गाइडलाइंस को कितने प्रतिशत लोग सहज सरल तरीके से अपनाते हैं। यही नहीं इसका अर्थ यह भी है कि सरकार द्वारा आपातकाल में जारी निर्देशों जिसके अंदर की म...