मोदी सरकार के 12 साल के कार्यकाल के दौरान बने कानूनों की रूपरेखा (भाग 3)
मोदी सरकार के 12 साल के कार्यकाल के दौरान बने कानूनों की रूपरेखा (भाग 3) कानून समाज के सभी वर्गों की मांगों , ज़रूरतों , उम्मीदों और चुनौतियों को पूरा करने और उनकी अलग-अलग प्राथमिकताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करते हैं। यहाँ 2014 से लाए गए उन कानूनों पर एक नज़र डालने की कोशिश की गई है , जिनका मकसद भारत को एक ' गणतांत्रिक भारत ' के रूप में साकार करने की दिशा में आगे बढ़ाना है।ये कानून भारत के संविधान के भाग 3 और भाग 4 में बताए गए मौलिक अधिकारों और राज्य के नीति-निर्देशक तत्वों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करते हैं। साथ ही , इनमें भारत के सुप्रीम कोर्ट के अलग-अलग फैसलों में दिए गए निर्देशों को भी शामिल किया गया है। कानून बनाना पहला कदम है। सही ही कहा गया है कि असली चुनौती विधायिका द्वारा पारित कानून को उसकी भावना और शब्दों के अनुसार लागू करने में है। 1 वक्फ़ के कुप्रबंधन की रोकथाम वक्फ़ (संशोधन) अधिनियम , 2025 । यह संशोधन काफी हद तक "उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ़" ( waqf by user) के सिद्धांत को हटाता है और दस्तावेज़ी सबूतों और पंजीकरण पर ज़्यादा ज़ोर देता है। इसस...