UAPA- मास्टरमाइंड को जेल और प्यादे को ज़मानत
UAPA- मास्टरमाइंड को जेल और प्यादे को ज़मानत हाल ही में 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़ा एक बड़ा साज़िश का मामला , जिसमें 54 लोगों की जान चली गई थी , दो आरोपियों उमर खालिद और शरजील इमाम को ज़मानत न मिलने के कारण काफी चर्चा में है , जिन पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम ( UAPA 1967 ) , IPC और अन्य कानूनों के तहत चार्जशीट दायर की गई है। यह बात शायद सोशल मीडिया पर किसी का ध्यान नहीं गया होगा , लेकिन वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे , रिटायर्ड जस्टिस मदन बी लोकुर और रिटायर्ड जस्टिस सुधांशु धूलिया के एक पैनल ने , जिसके मॉडरेटर वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल थे , इस पर चर्चा की। ये सभी सुप्रीम कोर्ट से जुड़े हैं। कपिल सिब्बल ने इस पैनल चर्चा को वायरल किया , जो कई सवाल और आरोप उठाती है , क्योंकि इस बहस को इस तरह की बातों से नुकसान पहुँचाया गया कि अगर कपिल सिब्बल अपने क्लाइंट के लिए ज़मानत नहीं दिलवा पाते हैं , तो बेंच अच्छी नहीं है। पैनल में यह कहने की हिम्मत थी कि जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन वी अंजारिया वाली इस बेंच को इतने महत्वपूर्ण मामले को नहीं देखना चाहिए था। च...